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व्हाइट हाउस के सामने भारतीय
श्रमिकों की भूख हड़ताल

 

वाशिंगटन, 15 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी कंपनी द्वारा किए गए शोषण की संसदीय समिति से जांच कराने की मांग को लेकर पांच भारतीय श्रमिकों ने व्हाइट हाउस के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
 

व्हाइट हाउस के सामने स्थित लफायेट पार्क में बुधवार को अपनी भूख हड़ताल शुरू करने वाले पांचों श्रमिकों का आरोप है कि ग्रीन कार्ड और अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति दिलाने के नाम पर उनके साथ 500 भारतीय मजदूरों से 20,000 डालर की रकम वसूल की गई।
 

इन मजदूरों को नियुक्त करने वाली सिग्ल इंटरनेशनल कंपनी और भारतीय तथा अमेरिकी एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले श्रमिकों का दावा है कि उनको अमेरिका के औद्योगिक मजदूर कांग्रेस संगठनों के संघ (एएफएल-सीएलओ) का भी समर्थन प्राप्त है।
 

एएफएल-सीएलओ के महासचिव जॉन हीयट के बयान में कहा गया है कि उनका संगठन और उसके एक करोड़ सदस्य सिग्ल इंटरनेशनल के कर्मचारियों की भूख हड़ताल का समर्थन करने में गर्व का अनुभव करते हैं। इससे अमेरिकी सरकार के सामने एच2बी वीजा के दुरुपयोग का मामला भी स्पष्ट हो गया है।
 

भूख हड़ताल पर बैठे एक श्रमिक मुरुगननाथन कंदास्वामी ने कहा, ''हमें पता है कि अमेरिका एक ताकतवर देश है और सिग्ल एक मजबूत कंपनी है। हमने भारत सरकार से समर्थन करने को कहा है, क्योंकि हमने यहां अपने जीवन को दांव पर लगा दिया है। ''
 

आयोजकों ने कहा कि 2128 मई को 15 और श्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
 

भारतीय राजदूत रोनेन सेन ने श्रमिकों के मामले को केवल वैधानिक तरीके से उठाने के लिए मदद का आश्वासन दिया था। श्रमिकों ने अपने मामले की भारतीय केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी जांच कराने की मांग की है।
 

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस

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