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पान चबाना भी खतरे से खाली नहीं

नईदिल्ली, 27 नवंबर(आईएएनएस)। रात में खाने के बाद समान्य या मीठा पान खाने के शौकीन लोगों के लिए एक बुरी खबर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) के अनुसार पान के पत्ते घातक सालमोनेला जीवाणु के वाहक हो सकते हैं जो कैंसर और हैजे जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।

पान की दुकानों में पानी में भीगे पान के पत्ते रखे होने का दृश्य आम है, लेकिन ये पत्ते मियादी बुखार, पेट दर्द, दस्त, मितली और उल्टी का कारण बन सकते हैं। संगठन के अनुसार यह जीवाणु दूध, अंडों और मांसाहारी खाद्य पदार्थों से फैलता है, लेकिन भारत के नेशनल सालमोनेला रिसर्च सेंटर ने एक अध्ययन में पाया है कि यह जीवाणु पान के पत्ते में भी मौजूद होता है।

मैक्स हेल्थकेयर में इंटरनल मेडिसीन विभाग के प्रमुख संदीप बुध्दिराजा ने आईएएनएस को बताया, ''सालमोनेला एक बेहद आम जीवाणु है, जो खासतौर पर खराब भोजन और पानी से फैलता है। पान के पत्तों में इसका पाया जाना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं। पान के पत्तों को घंटों तक पानी में भिगोकर रखा जाता है, जिसके कारण ये इस बैक्टीरिया के अड्डा बन जाते हैं।''

इस अध्ययन रिपोर्ट के निष्कर्ष से पान के शौकीन लोग परेशान हैं। काल सेंटर कर्मचारी शुभम धरमानी के अनुसार, '' मैंने कभी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि दुकान पर बिकने वाला पान साफ है या नहीं, लेकिन अब मैं इस बात का भी ध्यान रखूंगा।'' 

इंडो-एशियन न्यूज

 

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